Fear Aur Dar Ko Kaise Jeetein – Tantrik Upay & Divya Sadhana - An Overview
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चिंता का एक और मुख्य कारण है हमारे अंदर प्राण-शक्ति का कम होना। ध्यान से हमारे अंदर प्राण-शक्ति बढ़ती है जिसके परिणामस्वरूप हम चिंता मुक्त हो जाते हैं।
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वो आदमी इन तरीको से पैसा कमाकर भले ही अपने आप को खुश दिखाने की कोशिश कर रहा हो, पर हकीक़त ये है की वो खुद को ही धोखा दे रहा होता है.
आपने देखा होगा की नशा करने वाले लोग सिर्फ नशा करने के बाद ही खुलकर बोलने की हिम्मत कर पाते हैं.
क्योंकि वो खुश नहीं होता और उसकी अंदरूनी ख़ुशी गुम हो चुकी होती है. उसका दिल हमेशा उसे इस बात का अहसास करवाता रहता है की उसने बहुत गलत काम किये हैं.
जब आप विचारों को खुद से जोड़ना छोड़ देते हैं तब आप यह जान जाएंगे किसी भी विचार में आपको विचलित कर देने लायक भी शक्ति नहीं होती है। यहां नेगेटिव विचारों को अवसर की तरह देखे, जब भी निगेटिव विचार आए तो तुरंत सकारात्मक विचार से उन्हें बदलते रहें और इसकी आदत बना ले, आप देखेंगे बुरे और नेगेटिव विचार धीरे-धीरे कम होने लगे हैं
बिना नशा किये वो बहुत ज्यादा डरे डरे रहते हैं. उनके अन्दर पूरी तरह से डर बैठ चूका होता हैं. वहीँ जो लोग बिलकुल किसी तरह का नशा नहीं करते उनमें कहीं भी कुछ भी बोलने का साहस हमेशा रहता है.
केवल डर की प्रतिक्रियाओं को हि नहीं बल्कि आपको किन किन चीजों, लोगो या परिस्थितियों से डर लगता है इसकी सूची पहले बना ले। फिर जब कभी आप इस तरह की परिस्थिति का सामना करने में फंस जाएं तो खुद को याद दिलाए आपको इससे डर लगता है और खुद को शांत बनाए रखने का प्रयत्न करें।
गरीबी और असफलताओं से डर नहीं खाकर वे भारत के “मिसाइल मैन” और राष्ट्रपति बने।
जब भी नकारात्मक विचार आए, तुरंत उसे सकारात्मक विचारों से बदलें। उदाहरण: “मैं नहीं कर सकता” को “मैं कोशिश करूंगा” से बदलें।
पोस्ट की शुरुआत में ही हमने आपको more info बताया था की डर कभी भी आपसे ज्यादा ताकतवर नहीं होता. बस हमें ये चीज़ समझने की जरूरत होती है.
अब जो आदमी सालों से अपने घर में दुबक कर बैठा है, जो कभी भी डर के पास ही नहीं गया या जिसने कभी भी कोई ऐसा काम करने की हिम्मत ही नहीं जुटाई, वो कैसे निर्भीक रह सकता है?
सामाजिक परिस्थितियों में frozen हो जाते हैं
आप को थोड़ा भय होना एक सहज बात है। जिस प्रकार भोजन में थोड़े नमक की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार आदर्शपूर्ण जीवन व्यतीत करने के लिए जीवन में थोड़ा भय होना आवश्यक है। कल्पना करें कि यदि किसी भी व्यक्ति को किसी भी बात का भय न हो, तो क्या होगा?